संजना भारती संवाददाता
चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बजट सत्र के दौरान रचनात्मक सुझावों के लिए सभी सदस्यों का आभार प्रकट करते हुए कहा कि हरियाणा के इतिहास का शायद यह सबसे लंबा बजट सत्र रहा है। 12 दिन चले इस बजट सत्र में कुल 13 बैठक आयोजित हुई है और सदस्यों द्वारा 60 घंटे रचनात्मक चर्चा की गई है।
मुख्यमंत्री बजट सत्र के समापन उपरांत विधानसभा परिसर में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 17 मार्च को वित्त मंत्री के रूप में उन्होंने अपना पहला बजट प्रस्तुत किया था। इन बजट प्रस्तावों पर सदन में 8 घंटे 26 मिनट सदस्यों द्वारा विचार मंथन किया गया जिसमें विपक्ष की ओर से 23 सदस्यों द्वारा 4 घंटे 36 मिनट अपने विचार रखे गए। इसी प्रकार, सत्ता पक्ष की ओर से 21 विधायक 3 घंटे 35 मिनट बोले। साथ ही दो निर्दलीय विधायकों ने भी 15 मिनट बजट पर अपने विचार रखे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि बजट सत्र के दौरान विभिन्न विधायकों द्वारा महत्वपूर्ण विषयों पर दिए गए ध्यानाकर्षण प्रस्तावों को विधानसभा स्पीकर द्वारा स्वीकार करते हुए कुल 10 ध्यानाकर्षण प्रस्तावों पर चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त, हरियाणा प्रदेश की जनता के कल्याण के लिए पेश किए गए 16 महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा कर उन्हें पारित किया गया। उन्होंने कहा कि 205017 करोड़ रुपए की राशि के बजट की एक-एक पाई हरियाणा प्रदेश की जनता की भलाई के लिए खर्च की जाएगी। मुख्यमंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष का धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि स्पीकर द्वारा सभी सदस्यों को खुलकर बोलने का मौका दिया गया जिसके कारण बजट के सभी पहलुओं पर सकारात्मक चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि प्रश्न काल के दौरान 20 ही प्रश्न सूचित किए जाते हैं और कई बार ऐसा हुआ की 20 के 20 प्रश्नों पर चर्चा करते हुए सरकार द्वारा जवाब दिया गया। एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने बताया कि विपक्ष ने चर्चा के दौरान जो भी सुझाव दिए उन सभी को नोट किया गया, चाहे वह विधेयक को लेकर हो, राज्यपाल के अभिभाषण को लेकर हो या बजट को लेकर हो। सरकार द्वारा उनके एक-एक उठाए गए सवाल का जवाब दिया गया।
इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक श्री के मकरंद पांडुरंग और मीडिया सचिव श्री प्रवीण आत्रेय भी उपस्थित थे।