संजना भारती संवाददाता
नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गीता कॉलोनी फ्लाईओवर के समीप स्थापित बाढ़ राहत शिविर के अलावा पुराने लोहे के पुल का दौरा कर यमुना के जलस्तर और प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लिया।
मुख्यमंत्री ने शिविरों में रह रहे प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और हर संभव सहायता एवं राहत पहुंचाने का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री का कहना है कि बाढ़ पर पूरी निगरानी रखी जा रही है और संबंधित विभाग बाढ़ के प्रकोप को कम करने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री का कहना है कि फिलहाल दिल्ली वालों को घबराने की जरूरत नहीं है।
मुख्यमंत्री ने देर तक बाढ़ प्रभावित इन इलाकों का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों से पूरी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने राहत कार्यों में लगे अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित नागरिकों को आवश्यक वस्तुएं जैसे स्वच्छ पेयजल, भोजन, चिकित्सीय सुविधा और सुरक्षित आवास का ध्यान रखा जाए और निरंतर उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुविधा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजधानी में फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। हथिनीकुंड बैराज से छोड़ा गया अधिकतम पानी शाम तक दिल्ली पहुंच जाएगा। उन्होंने जानकारी दी कि इस बार विभागों ने पहले से ही व्यापक तैयारी कर रखी है। पिछले छह महीनों में जिस तरह से यमुना और नालों की डी-सिल्टिंग का काम किया गया है, उसका बड़ा लाभ मिला है। यमुना पर बने सभी बांधों के गेट खुले हुए हैं और कहीं भी पानी रुक नहीं रहा है। पानी का जितना तेजी से बहाव आ रहा है, उतना ही तेजी से आगे भी बढ़ रहा है। यमुना का पानी फिलहाल निर्बाध बह रहा है। शहर की तरफ से आने वाले अधिकतर नालों के बैरीकेड्स बंद कर दिए गए हैं, ताकि पानी का प्रवाह सही दिशा में बना रहे। उन्होंने कहा कि पानी के स्तर को लेकर चिंता की कोई बात नहीं है, क्योंकि अभी तक के आंकड़ों के अनुसार यह स्तर पिछले रिकॉर्ड को पार करने की स्थिति में नहीं है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यह भी जानकारी दी कि यमुना फ्लड प्लेन में पानी पहुंचना स्वाभाविक है, क्योंकि वह नदी का प्राकृतिक इलाका है। लेकिन इसके अलावा बाहरी इलाकों में पानी के फैलने की संभावना नहीं है।